- – यह भजन भगवान श्री श्याम के जन्मदिन की खुशी में गाया गया है, जिसमें भक्तों का हर्ष और उल्लास व्यक्त किया गया है।
- – भक्तों ने मिलकर केक, मेवा, माखन और मिश्री से सजावट की है और जन्मदिन मनाने की तैयारी की है।
- – भजन में ईत्र की खुशबू, फूलों की लटकों और शुभ घड़ियों का वर्णन है, जो जीवन में खुशियाँ लेकर आती हैं।
- – भगवान श्याम भक्तों के प्यार से प्रसन्न होकर उनके बीच आते हैं और सभी को आशीर्वाद देते हैं।
- – भजन के माध्यम से भक्तों का प्रेम और भगवान श्याम के प्रति भक्ति भाव प्रकट होता है।
- – यह भजन श्री दिनेश जी आनंद द्वारा लिखा गया है और रजनी आनंद ने इसे स्वरबद्ध किया है।

आया जनम दिन आया,
भक्तो का मन हर्षाया,
छाई है खुशियाँ अपार,
गाओ जी गाओ मंगलाचार।।
तर्ज – कजरा मोहब्बत वाला।
भगतो ने मिल जुल कर के,
केक मंगाया है जी
मेवा माखन मिश्री से,
कैसा सजाया है जी,
हैप्पी बर्थडे टू यू,
श्याम लिखाया है जी,
काटेंगे श्याम हमारे,
खाने को भगत ये सारे,
कब से खड़े है तैयार,
गाओ जी गाओ मंगलाचार।।
ईत्र की खुशबू महके,
फूलो की लटके लड़ियां,
मेरे जीवन मे आए,
हर पल ऐसी शुभ घड़िया,
खुशियो की आज हमारे,
दिल से फूटे फुल झड़िया
मस्ती मे झूमे गाये,
मिलकर के घूम मचाए
श्याम से करते सब प्यार,
गाओ जी गाओ मंगलाचार।।
भगतो का प्यार देख के,
साँवरिया दौड़ा आए,
भक्तो को गले लगाके,
देखो कैसा मुसकाए,
श्याम के जन्मदिन की,
‘रजनी’ बधाई गाए,
‘भीम सैन’ का कहना,
भक्तो के संग ही रहना,
अर्जी करो ये स्वीकार,
गाओ जी गाओ मंगलाचार।।
आया जनम दिन आया,
भक्तो का मन हर्षाया,
छाई है खुशियाँ अपार,
गाओ जी गाओ मंगलाचार।।
– भजन –
श्री दिनेश जी आनंद द्वारा प्रेषित
– स्वर –
रजनी आनंद
