- – श्याम प्रभु के दरबार में जो भी मांगता है, उसे प्राप्त होता है और किस्मत के ताले खुल जाते हैं।
- – यहाँ कोई देरी नहीं होती, और बाबा पलभर में सभी की तकदीर बदल देते हैं।
- – श्याम प्रभु सबसे सच्चे साथी और अच्छे माझी हैं, जो भक्तों की नैया को थामकर उन्हें भवसागर से पार लगाते हैं।
- – वे बिगड़ी हुई चीजें सुधारते हैं और संसार का पालनहार हैं, जिनकी मर्जी से सब कुछ चलता है।
- – इस भजन में श्याम प्रभु की महिमा का गुणगान किया गया है, जो सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

दरबार ये श्याम प्रभु का है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
किस्मत का ताला खुलता है,
दरबार ये श्याम प्रभु का हैं,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है।।
तर्ज – मेरा संकट कटने वाला है।
यहाँ देरी का कोई काम नही,
यहाँ सुबह से होती शाम नही,
पलभर में ही ये बाबा तो,
सबकी तक़दीर बदलता है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
किस्मत का ताला खुलता है,
दरबार ये श्याम प्रभु का हैं,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है।।
ये सबसे सच्चा साथी है,
ये सबसे अच्छा माझी है,
ये थाम ले जिसकी नैया को,
वो भव से पार उतरता है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
किस्मत का ताला खुलता है,
दरबार ये श्याम प्रभु का हैं,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है।।
ये बिगड़ी बनाने वाला है,
ये जग का पालनहारा है,
इसकी ही मर्जी से भक्तो,
संसार ये सारा चलता है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
किस्मत का ताला खुलता है,
दरबार ये श्याम प्रभु का हैं,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है।।
दरबार ये श्याम प्रभु का है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है,
किस्मत का ताला खुलता है,
दरबार ये श्याम प्रभु का हैं,
यहाँ जो मांगो वो मिलता है।।
स्वर – विजय जी सोनी।
