- – यह गीत भगवान कृष्ण (बांके बिहारी) को समर्पित है, जिसमें उन्हें घर आने का निमंत्रण दिया गया है।
- – गीत में कृष्ण के लिए माखन निकालने, पायल गढ़वाने और गोपियों को बुलाने की बात कही गई है।
- – यमुना किनारे ऊँची हवेली का वर्णन है, जहां कृष्ण को दर्शन देने का आग्रह किया गया है।
- – गीत में प्रेम और भक्ति की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है, जो कृष्ण के प्रति गहरी आस्था दर्शाती है।
- – यह गीत भक्ति संगीत का सुंदर उदाहरण है, जिसे देवी चित्रलेखा जी ने गाया है।

एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी,
बांके बिहारी मेरे कुंज बिहारी,
बांके बिहारी मेरे कुंज बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
देख मैने तेरे लिए माखन निकाला,
देख मैने तेरे लिए माखन निकाला,
माखन निकला प्यारे, माखन निकाला,
जी भर के तू खाना, मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बाँके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
देख मैने तेरे लिए पायल गढ़ाई,
देख मैने तेरे लिए पायल गढ़ाई,
पायल गढ़ाई प्यारे, पायल गढ़ाई,
छम छम नाच दिखाना, मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बाँके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
देख मैने तेरे लिए गोपिया बुलाई,
देख मैने तेरे लिए गोपिया बुलाई,
गोपिया बुलाई, राधा रानी है आई,
आकर के रास रचाना, मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बाँके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
यमुना किनारे मेरी ऊँची हवेली,
यमुना किनारे मेरी ऊँची हवेली,
ऊँची हवेली प्यारे, ऊँची हवेली,
आके तू दरश दिखाना, मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बाँके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी,
बांके बिहारी मेरे कुंज बिहारी,
बांके बिहारी मेरे कुंज बिहारी,
एक दिन मेरे घर आना मेरे बांके बिहारी।।
Singer : Devi Chitralekha Ji
