- – यह गीत गौरा मैया के जन्म और उनके आगमन की खुशी में गाया गया है, जिसमें घर में बधाई और खुशियों का माहौल है।
- – गीत में सखियों के मिलजुलकर मंगल गीत गाने और मैना रानी को बधाई देने का वर्णन है।
- – राजा हिमांचल के घर में खुशियों का माहौल है, जहां नाच-गाना और उत्सव का माहौल है।
- – सती की भक्ति और शिव के प्रति अनुराग का उल्लेख है, जिसमें “सेवक” नामक गायक की भक्ति झलकती है।
- – गीत में राजा हिमांचल के हीरे-मोती और रुपयों की बरसात का भी वर्णन है, जो समृद्धि का प्रतीक है।
- – यह गीत पारंपरिक और धार्मिक भावनाओं से ओतप्रोत है, जो स्थानीय संस्कृति और श्रद्धा को दर्शाता है।

जन्म लईं गौरा मैया,
मैना घर बाजै बधैया,
बाजै बधैया हाँ बाजै बधैया,
बाजै बधैया हाँ बाजै बधैया,
जन्म लईं गौरा मैया,
मैना घर बाजै बधैया।।
मिल जुल सखियॉ मंगल गावे,
मंगल गावे हाँ मंगल गावे,
मिल जुल सखियॉ मंगल गावे,
मैना रानी को देत बधैया,
मैना घर बाजै बधैया।।
राजा हिमांचल घर खुशियॉ छाई,
खुशियॉ छाई हाँ खुशियॉ छाई,
राजा हिमांचल घर खुशियॉ छाई,
नाच रहे ता ता थैया,
मैना घर बाजै बधैया।।
सती मरत हरि सन वर मांगा,
जन्म जन्म शिव पद अनुरागा,
“सेवक” गावे सवैया,
मैना घर बाजै बधैया।।
राजा हिमांचल लुटावे हीरा मोती,
लुटावे हीरा मोती लुटावे हीरा मोती,
और बॉट रहे हैं रूपयै,
मैना घर बाजै बधैया।।
जन्म लई गौरा मैया,
मैना घर बाजै बधैया,
बाजै बधैया हाँ बाजै बधैया,
बाजै बधैया हाँ बाजै बधैया,
जन्म लईं गौरा मैया,
मैना घर बाजै बधैया।।
– गायक एवं प्रेषक –
महेन्द्र सिंह लोधी “सेवक”
917879409630
