धर्म दर्शन वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें
Join Now
- – यह गीत जसोल की धनियारी और मोटो देवरो की महिमा का वर्णन करता है।
- – गीत में मोटो देवरो के मंदिर और देवालय की जगमगाती ज्योति का उल्लेख है।
- – धनियारी के घुमारे, चमचमाते घाघरे और चुंदरी की सुंदरता का चित्रण किया गया है।
- – पायल की झनकार और हाथों की सुंदरता को भी गीत में सराहा गया है।
- – पिंकी गहलोत ने इस गीत के स्वर और लिरिक्स दिए हैं, जो जसोल की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है।

जसोल री धनियारी,
मोटो देवरो सा,
थारे देवलिया में,
थारे मंदरया में,
जागी जगमग जोत,
ओ माजीसा मोटो देवरो सा,
जसोल री धनियारी,
मोटो देवरो सा।।
थारे घेर ने घुमारो,
पहरों घाघरो सा,
थारे चमचम चमके2 ,
तारा जड़ी चुंदरी माजीसा,
मोटो देवरो सा,
जसोल री धणियारी,
मोटो देवरो सा।।
थारे हाथा माही,
चुडो हद सोवणो सा,
थारे छम छम बाजे,
पायल री झनकार ओ माजीसा,
मोटो देवरो सा,
जसोल री धणियारी,
मोटो देवरो सा।।
पिंकी गहलोत री सुनजो,
विनती ओ सा,
थारे शरण आया ने सोरा,
राखजो माजीसा,
मोटो देवरो सा,
जसोल री धणियारी,
मोटो देवरो सा।।
स्वर & लिरिक्स – पिंकी गहलोत।
Cont. – 9772021065
अस्वीकरण (Disclaimer) : नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर HinduismFAQ में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। 'HinduismFAQ' इसकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती है।
