- – यह गीत सांवरे (श्री कृष्ण) के प्रति प्रेम और भक्ति को दर्शाता है, जो भक्तों को उनका अपना बनाने का आग्रह करता है।
- – गीत में सांवरे की सेवा और उनकी दया के अनोखे तरीके की महत्ता बताई गई है, जो भक्तों के जीवन में सुख और आनंद लाती है।
- – भक्तों के पुकारने पर सांवरे हमेशा मदद के लिए आते हैं और सभी कष्टों को दूर कर देते हैं।
- – गीत में खाटू वाले सांवरे का विशेष उल्लेख है, जो उनकी महिमा और कृपा को दर्शाता है।
- – यह गीत प्रेम, भक्ति और सेवा के माध्यम से सांवरे के साथ जुड़ने और जीवन में खुशहाली पाने का संदेश देता है।

सांवरे को अपना बना कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले।।
प्रेमियों के प्रेम का भूखा है मेरा सांवरा,
चाव से है खाता रुखा सुखा मेरा सांवरा,
खाटू वाला सांवरा, खाटू वाला सांवरा,
भाव से तु भोग लगा के देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले,
साँवरे को अपना बना कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले।।
सांवरे की सेवा का है फल बड़ा चोखा,
इनकी दया का है तरीका भी अनोखा,
तरीका भी अनोखा, तरीका भी अनोखा,
सेवा माही मन को लगा कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले,
साँवरे को अपना बना कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले।।
जब जब भक्त ने पुकारा बाबा आया,
बिगड़ी बनाई सारे कष्ट है मिटाया,
कष्ट है मिटाया, कष्ट है मिटाया,
‘चोखानी’ तू श्याम गुण गाके देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले,
साँवरे को अपना बना कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले।।
सांवरे को अपना बना कर देख ले,
मौज ही उड़ाएगा रिझा के देख ले।।
गायक – पंकज पंडित।
