मुख्य बिंदु
- – भोलेनाथ (भगवान शिव) हर परिस्थिति में साथ देने वाले हैं और देवों के देव, नाथों के नाथ हैं।
- – उन्होंने विष पीकर और असुरों-देवों को समान वरदान देकर सभी प्राणियों के लिए कष्ट सहा है।
- – हाथ में त्रिशूल और डमरू लिए, नंदी पर सवार, जटाओं में गंगा और चंद्र माथे पर धारण किए हैं।
- – जल, बेलपत्र, दूध, अक्षत, धतूरा और भांग चढ़ाने से यमलोक से मुक्ति और समृद्धि प्राप्त होती है।
- – भोलेनाथ भक्तों के जीवन में वैभव, सुख और धन की वर्षा करते हैं।
- – हर कदम पर भोलेनाथ का आशीर्वाद और संरक्षण मिलता है।

भजन के बोल
हर इक डगर पे हरपल,
जो मेरे साथ हैं,
भोलेनाथ है वो मेरे,
भोलेनाथ हैं,
देवों के देव हैं वो,
नाथों के नाथ हैं,
भोलेनाथ हैं वो मेरे,
भोलेनाथ हैं ॥
नीलकंठ महादेव विष को पिये हैं,
असुरों देवों को वर एक सा दिए हैं,
फर्क न किये,
हर कष्ट हर लिए,
जिनके आगे प्राणी सब,
जोड़े हाथ है,
भोलेनाथ हैं वो मेरे,
भोलेनाथ हैं ॥
हाथ में त्रिशूल है बाघम्बर कमर में,
दूजे हाथ डमरू है बाजे नाद स्वर में,
नन्दी पे सवार,
हैं भोले त्रिपुरार,
जटा में हैं गंगा और,
चन्द्र माथ है,
भोलेनाथ हैं वो मेरे,
भोलेनाथ हैं ॥
जल जो चढ़ाए उसे यम से उबारे,
बेल के चढाने से भरते भंडारे,
दूध अक्षत के संग,
धतूरा और भँग,
वैभव सुख धन की करते,
बरसात हैं,
भोलेनाथ हैं वो मेरे,
भोलेनाथ हैं ॥
हर इक डगर पे हरपल,
जो मेरे साथ हैं,
भोलेनाथ है वो मेरे,
भोलेनाथ हैं,
देवों के देव हैं वो,
नाथों के नाथ हैं,
भोलेनाथ हैं वो मेरे,
भोलेनाथ हैं ॥
