- – यह गीत श्याम से मिलने की तीव्र इच्छा और इंतजार को व्यक्त करता है।
- – गीत में बार-बार श्याम से जल्द आने और इंतजार खत्म करने की विनती की गई है।
- – गायक ने श्याम के वादे पर भरोसा जताया है और उसकी कृपा की प्रार्थना की है।
- – गीत में श्याम के बिना जीवन की कठिनाइयों और तन्हाई का वर्णन है।
- – यह गीत भक्ति और प्रेम की भावना से ओतप्रोत है, जिसमें श्याम की पूजा और गुणगान किया गया है।

श्याम मेरे आ जाओ,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया,
ओ बाबा अब तो दया करो,
ओ बाबा अब तो कृपा करो,
श्याम मेरे आ जाओं,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया।।
तर्ज – हम तुम चोरी से।
कल कल करते ना जाने,
बाबा कितने दिन बीते,
तू क्या जाने तुझ बिन,
हम कैसे कैसे जीते,
देर ना कर आ भी जा आ भी जा,
टूटा जाए सबर,
श्याम मेरे आ जाओं,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया।।
वादा किया था तुमने,
मुझसे मिलने आओगे,
मुख से बोलो क्या तुम,
वादा ना निभाओगे,
हंसी करेगा ये जहा,
आए ना तुम अगर,
श्याम मेरे आ जाओं,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया।।
जब से होश संभाला,
बस तुझको मैंने पूजा,
इतना जाने हम तो,
नहीं तुझसा कोई दूजा,
कर दो कृपा ‘रूबी रिधम’ पर,
गुण गाए तेरे,
क्या तुझको नहीं खबर,
श्याम मेरे आ जाओं,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया।।
श्याम मेरे आ जाओ,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया,
ओ बाबा अब तो दया करो,
ओ बाबा अब तो कृपा करो,
श्याम मेरे आ जाओं,
और ना तरसाओ,
बहुत इंतजार किया।।
Singer: Aarti Virmani
