- – भजन में बालाजी के बिना घर में समस्याओं और कलह का वर्णन किया गया है।
- – बालाजी की उपस्थिति से घर में सुख-शांति और लक्ष्मी का वास होता है।
- – बालाजी के पहरे के बिना घर में बुरी शक्तियाँ और परेशानियाँ बढ़ जाती हैं।
- – गायक नरेंद्र कौशिक द्वारा प्रस्तुत यह भजन राकेश कुमार जी ने प्रेषित किया है।
- – भजन में परिवार की एकता और समृद्धि के लिए बालाजी की महत्ता को दर्शाया गया है।

तेरे पहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
सब क्यांए में हो स घाटा,
घर के पित्र करं सं टाटा,
गई लक्ष्मी दुर यो टोटा,
खुब छिड़ै जा स,
तेरे पेहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
घर में कलह रह.बलकारी,
होणी चले होण की मारी,
करदे ने पोंबारा काणे,
तीन लड़े जां स,
तेरे पेहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
पेशी झुमे जा स घर में,
चौगरदे तं लिया सुं घिर मैं,
बाजः रोज मटाक लड़ाई,
खुब लड़े जा स,
तेरे पेहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
छोटी पुलिया पाई कोना,
राजपाल मन्नै हरगिज टोणा,
अशोक भक्त दुख पाया,
न्युं के छंद घड़े जां सं,
तेरे पेहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
तेरे पहरे बिन बालाजी,
महारः भुत बड़ें जां सं।।
गायक – नरेन्द्र कौशिक।
भजन प्रेषक – राकेश कुमार जी,
खरक जाटान(रोहतक)
( 9992976579 )
