- – जीवन और दुनिया को अस्थायी और निरर्थक बताया गया है।
- – राम नाम का जाप करने वाले को ही जीवन में सच्चा उद्धार और सफलता मिलती है।
- – माया, स्वार्थ और झूठे संबंधों से भरी इस दुनिया में कोई स्थायी नहीं है।
- – भोग-विलास और सांसारिक सुख पशुओं में भी होते हैं, इसलिए ज्ञान और राम नाम का महत्व है।
- – धन-दौलत और महलों का अंत अंततः व्यर्थ है, केवल राम नाम से ही जीवन का सही मार्ग मिलता है।
- – राम नाम को अपनाकर ही जीवन का “बेड़ा पार” होता है, यानी मुक्ति और शांति प्राप्त होती है।

ज़िन्दगी बेकार है,
ये दुनिया असार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है,
उसी का बेडा पार है।।
इस दुनिया में खोज के देखा,
माया के सब बन्दे हो,
माया के सब बन्दे हो,
स्वारथ के सब बन्दे देखे,
तबियत के सब गंदे हो,
अपनी सगी ना नार है,
ना पुत्र रिश्तेदार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है।
जिंदगी बेकार है,
ये दुनिया असार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है,
उसी का बेडा पार है।।
भोग विलास ये खाना पीना,
पशुओ में भी होता है,
पशुओ में भी होता है,
ज्ञान अधिक है पास में तेरे,
पाप बिज क्यूँ बोता है,
पाप बिज क्यूँ बोता है,
चाहे जो उद्धार है,
सच्चा तेरा यार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है।
जिंदगी बेकार है,
ये दुनिया असार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है,
उसी का बेडा पार है।।
झूठ कपट से माया जोड़ी,
महल बनाया रहने को,
महल बनाया रहने को,
धन दोलत भी खूब कमाया,
अपना अपना कहने को,
अपना अपना कहने को,
जाता मुठ्ठी झार है,
ना कोई ठेकेदार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है।
ज़िन्दगी बेकार है,
ये दुनिया असार है,
जिसने लिया राम नाम,
उसी का बेडा पार है,
उसी का बेडा पार है।।
स्वर – श्री विजय प्रकाश वैष्णव
